#1. एसिड रिफ्लक्स
बच्चों को हिचकी आने की वजह एसिड रिफ्लक्स हो सकता हैं। जब बच्चे दूध पीते है तो उनकी आहार नली पर एक वल्व होता हैं जो छोटे बच्चो में पूरी तरह विकसित नहीं होता हैं, जिसकी वजह से थोड़ा दूध मुंह में वापस आ जाता हैं जिससे बच्चे को एसिड रिफ्लक्स हो जाता हैं जिससे बच्चे को हिचकी और थोड़ी उल्टी भी हो जाती हैं। जब ये वल्व समय के साथ बढ्ने लगते हैं तो उनको हिचकी आनी भी बंद होने लगती हैं।
#2. ज्यादा पेट का भरना
कभी-कभी बच्चे को भूख बहुत ज्यादा लगती हैं जिसकी वजह से वो जल्दी-जल्दी माँ का दूध पीने लगते हैं, इस कारण वे ज्यादा दूध पी लेते हैं। बच्चे का पेट छोटा सा होता हैं और जब बच्चे का पेट भूख से ज्यादा भर जाता हैं तो उनके पेट फ़ैल जाता हैं जिसकी वजह से उन्हे हिचकी आने लगती हैं।
#3. हवा का भरना
जब बच्चे बोतल से दूध पीते हैं तो उसके साथ कुछ हवा भी उनके भीतर जाती हैं। जब बच्चे ज्यादा हवा घोटते हैं तो उनके डायफ्राम पर दबाब पड़ता हैं जिससे डायफ्राम में ऐंठन होने लगती हैं जिसके कारण हिचकी शुरू हो जाती हैं।
#4. एलर्जी होना
जब बच्चे को किसी चीज से एलर्जी होती हैं जैसे कि प्रोटीन युक्त आहार जो कि खासकर बच्चे के फॉर्मूला दूध या जो माँ के स्तनपान में किसी प्रकार के आहार लेने से हो जाती हैं जिससे बच्चे को कभी-कभी हिचकी (hichki) आने लगती हैं।
#5. कमरे के तापमान का बदलना
जब बच्चे दूध पीते हैं या फिर किसी वजह से आपके कमरे का तापमान बदलता हैं या जब कमरा एकाएक ठंडा होने लगता है तो ठंड की वजह से भी बच्चे को हिचकी आने लगती हैं।