चावल और हल्दी का यह टोटका बना सकता है आपको मालामाल, जानिए ये गुप्त उपाय
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पूजा में अक्षत चढ़ाने का अभिप्राय यह है कि हमारा पूजन अक्षत की तरह पूर्ण हो। अक्षत का अर्थ होता है जो टूटा न हो। कोई भी पूजन अक्षत के अभाव में अधूरा है। पूजन करते वक्त गुलाल, हल्दी, अबीर और कुंकुम के उपरांत अक्षत चढ़ाने का विधान है। चावल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि चावल टूटे न हों।
# शिवलिंग पर चावल चढ़ाने से शिवजी अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों को अखंडित चावल की तरह अखंडित धन,मान-सम्मान प्रदान करते हैं। श्रद्धालुओं को जीवन भर धन-धान्य की कमी नहीं होती।
# नवग्रह स्तोत्र का पाठ करने से पूर्व हाथ में अक्षत और पुष्प लें।
# शुक्रवार को लक्ष्मी मां को चावल की खीर बनाकर अर्पण करने से समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
# भगवान को चावल चढ़ाने से दूर होती हैं पैसों की समस्या।
# तंत्र शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गुड़ एवं कच्चे चावल बहते हुए जल में प्रवाहित करना शुभ रहता है। अगर सूर्यदेव को प्रसन्न करना हो तो पके हुए चावल में गुड़ और दूध मिलाकर खाना चाहिए। ये उपाय करने से भी सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं।
चावल और हल्दी का यह टोटका बना सकता है आपको मालामाल, जानिए ये गुप्त उपाय
Reviewed by Admin
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May 19, 2020
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