सुभाजीत चक्रवर्ती ने 11 साल पहले विराट कोहली को दोहरा शतक लगाने से रोका था, अब करते हैं रेलवे की नौकरी

पूरे क्रिकेट जगत इस बात का गवाह है कि किस तरह से विराट कोहली ने अपने आप में बदलाव लाए हैं. विराट कोहली इन बदलावों के जरिए अपने वेट को बेकफुट पर भेजकर ऑफ स्टंप से बाहर जा रही गेंद को मीड विकेट बाउंड्री लाइन के बाहर भेज देते हैं. विराट कोहली के इस शॉट को 'Whip Shot' के रूप में जाना जाता है. लेकिन विराट कोहली का यह शॉट सुभाजीत चक्रवर्ती के लिए नया नहीं है.
सुभाजीत 2009 में इस शॉट के गवाह बने थे. विराट कोहली ने पी सेन मेमोरियल ट्रॉफी के फाइनल में 121 गेंदों में 184 रन की शानदार पारी खेली थी. इस टूर्नामेंट का आयोजन क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल की तरफ से किया गया था.
शानदार पारी खेलने वाले विराट कोहली का विकेट सुभाजीत नाम के खिलाड़ी ने किया था.
सुभाजीत इस विकेट के साथ ही चर्चा का विषय बन गए थे.
सुभाजीत को कोलकाता में जाइंट के नाम से बुलाया जाता है. सुभाजीत ने अपने
करियर की सबसे यादगार बात को शेयर करते हुए बताया है कि किस तरह से
उन्होंने विराट कोहली को उस वक्त आउट किया जब वह अपने दोहरे शतक से महज 16
रन दूर थे.

उन्होंने आगे बताया, 'मोहन बागान ने मैच में पहले बल्लेबाजी की. हमने शुरुआत में ही मनीष पांडे का विकेट ले लिया था. विराट तीन नंबर पर बल्लेबाजी करने आए. विराट ने शानदार पारी खेली, हम उसे रोक ही नहीं पा रहे थे.'
सुभाजीत ने कहा, 'मैं विराट कोहली को गेंदबाजी कर रहा था, मैंने देखा वह क्रीज से बाहर आकर खेल रहा है. हमने उसे आउट करने के लिए शार्ट गेंद फेंकी, पर वह चैलेंज के लिए तैयार था. उन्होंने कवर ड्राइव पर शानदार शॉट लगाया. मुझे विश्वास नहीं हुआ कि कोई खिलाड़ी इतनी आसानी से यह शॉट कैसे लगा सकता है. इसके बाद विराट ने सौरव दत्ता की बाउंसर पर छक्का लगाया.'
जिस गेंद पर सुभाजीत ने विराट को आउट किया था उसके बारे में बात करते हुए कहा, 'मैंने दोबारा देखा कि विराट कोहली क्रीज से बाहर निकलकर शॉट लगा रहा है. मैंने राउंड आर्म बॉल फेंकी और विराट शॉट मिस टाइन कर दे. सौरव तिवारी ने लॉन्ग ऑन पर उनका कैच लिया. विराट काफी उदास हुए क्योंकि वह अपने दोहरे शतक से सिर्फ 16 रन दूर थे. विराट हैरान थे कि इस गेंद को वह समझ क्यों नहीं पाए.'
सुभाजीत के लिए यह मैच काफी यादगार था और उन्होने 5 विकेट के साथ बल्ले से 45 रन की पारी भी खेली थी. हालांकि शानदार प्रदर्शन के बावजूद सुभाजीत टीम को जीत नहीं दिला सके. लेकिन सुभाजीत का टाउन क्लब के साथ कॉन्ट्रैक्ट रीन्यू कर दिया गया.
सुभाजीत ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत बंगाल के पूर्व लेफ्ट ऑर्म स्पिनर अरुप भट्टाचार्य की नज़रों में की थी. बाद में सुभाजीत गोपाल बॉस की क्रिकेट एकडेमी में गए. सुभाजीत टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के खिलाफ भी खेले हैं. उन्होंने बताया, 'यह दो एकडेमी के बीच का मैच था. धोनी ने हैलीकॉप्टर शॉट लगाने की कोशिश करते हुए तीन बैट तोड़ दिए. जब धोनी शॉट लगा रहे थे तब कम से कम 6 गेंद गुम हो गई. धोनी उस वक्त इंडिया ए के लिए केन्या से खेलकर लौटे थे.'