डीडीसीए छह हफ्ते के अंदर रिक्त छह पदों पर चुनाव संपन्न कराए, पढ़े

दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के पूर्व
अध्यक्ष व डीडीसीए के पूर्व उपाध्यक्ष सीके खन्ना गुट ने वर्तमान सचिव विनोद तिहारा से हाथ मिला लिया है. इन दोनों को डीडीसीए की पॉलिटिक्स में बहुत ज्यादा मजबूत माना जाता है व पिछले चुनाव में ये एक-दूसरे के विरूद्ध लड़े थे. खन्ना व तिहारा ग्रुप में बहुत ज्यादा समय से वार्ता चल रही थी व एक हफ्ते पहले साथ में चुनाव लड़ने पर सहमति बन गई.
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 जून को आदेश दिया था कि डीडीसीए छह हफ्ते के अंदर रिक्त छह पदों पर चुनाव संपन्न कराए.
पिछले वर्ष नवंबर में वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के
इस्तीफे के बाद से अध्यक्ष का पद खाली है. डीडीसीए के लोकपाल ने दिल्ली के
विधायक ओमप्रकाश शर्मा को भी अयोग्य घोषित कर दिया था जिससे यह पद भी खाली
हो गया था. कंपनी एक्ट के अनुसार चार निदेशकों के भी चुनाव होने हैं.
उपाध्यक्ष
राकेश बंसल कार्यकारी अध्यक्ष का वजन संभाल रहे हैं. सचिव तिहारा के करीबी
व डीडीसीए के पूर्व संयुक्त सचिव दिनेश शर्मा ने बोला कि एक हफ्ते पहले
सीके खन्ना व मंजीत सिंह से मेरी बात हो गई थी. यह एक अच्छा गठबंधन होगा.
कुछ निदेशक डीडीसीए के पैसे हड़पने की प्रयास में लगे हैं उनको इससे दूर
रखा जाएगा. जो क्रिकेट व क्रिकेटरों की बात करेगा, ऐसे लोगों को आगे लाया
जाएगा. क्रिकेटरों के बकाए पैसे व क्लबों की सब्सिडी को भी हम जल्द ही जारी
करेंगे.सीके खन्ना के करीबी व डीडीसीए के पूर्व निदेशक मंजीत सिंह ने बोला कि कि हम लोग इस बात पर सहमत है कि हाल ही में कुछ निदेशकों ने डीडीसीए में बहुत ज्यादा अनियमितताएं की हैं जिससे दिल्ली क्रिकेट को बहुत नुकसान पहुंचा है. तीन महीने बाद क्रिकेट का सत्र प्रारम्भ होना है ऐसे यह बहुत आवश्यक है कि डीडीसीए में एक मजबूत एपेक्स काउंसिल हो. डीडीसीए में 4280 मेम्बर हैं. पिछले चुनाव में विजेता व उपविजेता रहने वाले इन दोनों ग्रुपों के एक साथ आने से स्थितियां बहुत ज्यादा मजबूत होंगी. मंजीत सिंह ने बोला कि चुनाव की तिथि सुनिश्चित होते ही उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी.