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Chandra Grahan 2020: ज्‍येष्‍ठ पूर्ण‍िमा का चंद्र ग्रहण ला रहा है ऐसा योग, सुबह उठने पर जरूर करें ये काम


यूं तो ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को हिन्दू धर्म में काफी महत्‍व द‍िया गया है। इसी द‍िन ही वट साव‍ित्री व्रत भी रखा जाता है ज‍िस पर सुहाग‍िनें वट वृक्ष की पूजा करने के साथ ही पति की लंबी आयु का वरदान मांगती हैं। लेकिन इस साल इस पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। ये 2020 का दूसरा आंश‍िक चंद्र ग्रहण है। ये ग्रहण वृश्‍च‍िक राश‍ि में लग रहा है और इसे शुभ संकेत के तौर पर भी नहीं ल‍िया जा रहा है।
Chandra Grahan Time for June 5, 2020
ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का चंद्रग्रहण 5 जून को रात 11:16 मिनट पर प्रारम्भ होगा व 6 जून को तड़के 2:32 मिनट तक रहेगा। इस तरह ग्रहण करीब 3 घंटे तक लगेगा। बता दें क‍ि यह यह उपच्छाया चन्द्र ग्रहण है। इस ग्रहण का सूतक का असर नहीं होगा, वहीं इस पर एक धुंधली छाया नजर आएगी। यह ग्रहण वृश्चिक राशि तथा ज्येष्ठा नक्षत्र पर लगेगा। इससे रोग बढ़ेंगे और प्राकृतिक आपदा के रूप में भी किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
Chandra Grahan ke baad kya karein
  1. ग्रहण के समय पहने गए वस्‍त्रों को दोबारा नहीं पहनना चाहिए। बेहतर होगा कि आप स्‍नान के बाद इनको दान कर दें।
  2. ग्रहण के बाद बिना स्‍नान व पूजा क‍िए कुछ भी ग्रहण न करें।
  3. स्‍नान के बाद घर का पूजा घर भी शुद्ध करें। इसके ल‍िए देवी-देवताओं व भगवान की सभी प्रतिमाओं व तस्‍वीरों पर गंगाजल छ‍िड़क दें।
  4. चंद्र ग्रहण के बाद पितरों को याद करें व उनके नाम पर दान दें। ऐसा करने से ग्रहण का बुरा प्रभाव उतर जाएगा।
  5. ग्रहण के बाद श‍िव पूजा भी फायदेमंद मानी गई है। अगर आप ये पूजा किसी मंद‍िर में जाकर करें तो बेहतर होगा।
  6. घर में तुलसी का पौधा भी चंद्र ग्रहण से प्रभावित होगा। इसकी पूजा करने से पहले इस पर गंगा जल छ‍िड़कें।
  7. ग्रहण के बाद घर की अच्‍छी तरह सफाई करें और पूरे घर में धूप या अगरबत्‍ती का धुआं दिखाएं।
  8. तीन सूखे नारियल और सवा किलो सतनाजा प्रातरू दान में दें या जल प्रवाह करने से भी ग्रहण का प्रभाव कम होता है।